Ram Navami Shayari
Best

Ram Navami Shayari

सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ़ राम हैं भाव सूचियाँ बहुत हैं भाव सिर्फ़ राम हैं — Aman Akshar
क्या सितम करते हैं मिट्टी के खिलौने वाले राम को रक्खे हुए बैठे हैं रावण के क़रीब — Asghar Mehdi Hosh
जिन की दर्द-भरी बातों से एक ज़माना राम हुआ 'क़ासिर' ऐसे फ़न-कारों की क़िस्मत में बन-बास रहा — Ghulam Mohammad Qasir
एक काटा राम ने सीता के साथ दूसरा वनवास मेरे नाम पर — Nasir Shahzad
है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़ अहल-ए-नज़र समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद — Allama Iqbal
हो गए राम जो तुम ग़ैर से ए जान-ए-जहाँ जल रही है दिल-ए-पुर-नूर की लंका देखो — Kalb-E-Hussain Nadir
दुनिया भर की राम-कहानी किस किस ढंग से कह डाली अपनी कहने जब बैठे तो एक एक लफ़्ज़ पिघलता था — Khalilur Rahman Azmi
हृदय में बसे हों अगर राम तेरे बनेंगे सभी फिर रुके काम तेरे — Kavi Naman bharat

How's your Mood?

Latest Blog