सही बातें भी झूठी और झूठी सच्ची लगती हैंतअश्शुक में तो नादानी जसारत अच्छी लगती हैंज़रा सी आशनाई हो तो दुनिया को भी झुठला देंमोहब्बत में हदें-बंधन ये डोरें कच्ची लगती हैं— Gaurav Kumar Aarambh