
ग़म से नहीं उबर पाएँगे तुझ को चाहने वाले लोग
तन्हाई में मर जाएँगे तुझ को चाहने वाले लोग
जिन को तेरी चाहत है गर उन को ही तू नहीं मिला
तू ही बता किधर जाएँगे तुझ को चाहने वाले लोग
— gulab muntazir
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