ईमान से यूँॅं अपने मुहब्बत किया करो

हर मोड़ पर नज़र की हिफ़ाज़त किया करो

आदम को उस ख़ुदा ने उतारा ज़मीन पर
और कह दिया कि मेरी इता'अत किया करो

नबियों में सब ने बस यही पैग़ाम है दिया
डरते रहो ख़ुदा से इ़बादत किया करो

राहत की है तलाश तो क़ायम करो नमाज़
मिल जाएगा सुकून तिलावत किया करो

तौहीद पर चलोगे तो जन्नत में जाओगे
अल्लाह और रसूल से उल्फ़त किया करो

राज़ी रहो ख़ुदा की हर इक शय से तुम सभी
मख़लूक़-ए-क़ायनात की इज़्ज़त किया करो

दिन भर की मेहनतों का सिला चाहते हो गर
मुश्किल में हौसलों की तिजारत किया करो

'सरवर' तुम्हें मिलेगी मुहब्बत जहान में
लेकिन सभी से तुम भी मुहब्बत किया करो

— Hameed Sarwar Bahraichi

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