मैं जो परिंदा ले आया था इश्क़ जताने के मतलब से
वो शब भर रोया मेरे आगे उड़ जाने के मतलब से
उस को दोष भला क्यूँ दूँ मैं सभी हँसे थे मुझ पर उस दिन
सो मुस्कुरा दिया उस ने भी हाथ बटाने के मतलब से
कल शब जो हादिसा हुआ था मुझ से तो देखा न गया कुछ
कि लोग आँसू बहा रहे थे आग बुझाने के मतलब से
सब बस चीख़ रहे हैं उस ने हाँ उस ही ने क़त्ल किया है
मैं नाले में कूद पड़ा हूँ लाश बचाने के मतलब से
तिरछी नज़रों से देखा इक दो ने औरत के झुकते ही
कुछ गिर जाने के मतलब से कुछ दिख जाने के मतलब से
— harshit karnatak















