मुहब्बत है अगर करनी तो पागल यार हो जाओभरे सावन का आवारा सा बादल यार हो जाओभले ही दिल लिए पत्थर का फिरते हो ज़माने मेंमगर माशूक़ की नज़रों से घाइल यार हो जाओ— SAAGAR SINGH RAJPUT