हर हसीं चेहरा निहारा जाएगा
आख़िरत होगी तो देखा जाएगा
दफ़्न सीने में सभी ग़म कर लिए
हम से यारो अब न रोया जाएगा
सच को सच समझो वगरना एक दिन
झूट ही को सच बताया जाएगा
वो गई और दे गई बेचैनियाँ
मुज़्तरिब बे-मौत मारा जाएगा
राम जी और श्याम जी का हर पहर
नाम लीजे काम बनता जाएगा
चलते चलते आ गया चौराहे पर
किस तरफ़ जाने ये रस्ता जाएगा
— 'June' Sahab Barelvi















