बुझा सा है मगर इक रोज़ चमकेगा सितारा भी
दुबारा लौट कर फिर वक़्त आएगा हमारा भी
ख़मोशी से सुनी ही जा रही है बात अब सबकी
हुनर सब कुछ कहेगा और बदलेगा नज़ारा भी
पिताजी की सुनी जब बात ये सीना हुआ चौड़ा
दुबारा कल ये जीतेगा अगर जो आज हारा भी
— Kamlesh Goyal
दुबारा लौट कर फिर वक़्त आएगा हमारा भी
ख़मोशी से सुनी ही जा रही है बात अब सबकी
हुनर सब कुछ कहेगा और बदलेगा नज़ारा भी
पिताजी की सुनी जब बात ये सीना हुआ चौड़ा
दुबारा कल ये जीतेगा अगर जो आज हारा भी
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