मिलेंगे दुख मगर अब मुस्कुराना है उदासी में
ये मुश्किल काम भी कर के दिखाना है उदासी में
सुनो तुम भी जहाँ वालो से ख़ुशियाँ माँगने वालो
यक़ीनन सारे का सारा ज़माना है उदासी में
ग़मों ने घर बनाया है मिरे दिल को ख़मोशी से
मिरी हर इक ख़ुशी का अब ठिकाना है उदासी में
लगा कर उम्र सारी बात बस ये इक समझ आई
यहाँ आना ख़ुशी का और जाना है उदासी में
— Kamlesh Goyal















