@kamlesh_goyal7
Kamlesh Goyal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kamlesh Goyal's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मुझे इक दीद की चाहत तुझे देखूँ तुझे देखूँ
तिरे दीदार को अटकी हुई है साँस आँखों में
मुझे पहले पहल इस इश्क़ का डर है नहीं बिल्कुल
मुझे पहला निवाला माँ हमेशा चख के देती थी
मुहब्बत में सुनो ऐसे सभी के हाल होते हैं
नज़र ये बोलती है और मेरे लब ये रोते हैं
हमें भी दर्द होता है सुनो दिल टूटता है जब
ये लड़के कह नहीं पाते फ़क़त तकिया भिगोते हैं
पिताजी माँ बहन महबूब या फिर दोस्त हों मेरे
हाँ कितने लोग ख़ुश होंगें मिरे बस मुस्कुराने से
यार मैं ये बात फिर कहने में शर्मिंदा नहीं
इश्क़ जिसको है नहीं वो शख़्स ही ज़िंदा नहीं
कह दिया सब सामने मेरी बुरी बंदी नहीं
आप को कहना है अब मेरा बुरा बंदा नहीं
हिस्से में इश्क़ मेरे क़ब्ज़े में इश्क़ है अब
हर चीज़ भाव में बस सस्ते में इश्क़ है अब
कॉपी किताब क्या है कहते हैं आज बच्चे
मैंने कहा है इन के बस्ते में इश्क़ है अब
हाँ ज़मी पर भी नहीं है आसमाँ में भी नहीं
उस के जैसी तो मिलेगी दो जहाँ में भी नहीं
मौत के डर से डरें हम फिर ग़लत ये बात है
मौत के पहले मरें हम फिर ग़लत ये बात है
जीत चाहे हार हो सब बाद की ही बात है
अब नहीं कोशिश करें हम फिर ग़लत ये बात है
अगर मेरा नशा था उसके सर पे तो उतर जाए
नहीं है इश्क़ उसको मुझ से तो मुँह पर मुकर जाए
मुहब्बत दिल-लगी सब काम हैं साहब दिलेरों के
मगर जो भी यहाँ बुज़दिल है सीधे अपने घर जाए
मैं जलवे आप को अपने हुनर के तो दिखाऊँगा
मगर कह के नहीं अब कुछ मैं कर के तो दिखाऊँगा
वहीं जब दर्द के मारे बदन से जाँ निकलती है
उसी पर बन के मरहम तब ज़बाँ से माँ निकलती है
हाँ मिरी पहली नज़र उन से मिली थी जनवरी में
इश्क़ का इज़हार करना है मुझे इस फ़रवरी में
बे-वफ़ा होती नहीं हर एक लड़की
कुछ मियाँ दिल की यहाँ सच्ची है होती
इश्क़ हर लड़की से होता भी नहीं है
हाँ मगर साथी बड़ी अच्छी है होती
मियाँ इसमें निकल जाता है दम भी अच्छे-अच्छों का
कहा भी था नहीं है फिर मुहब्बत खेल बच्चों का