हम ने ख़ूब क़लंदर देखे
सब संसद के अंदर देखे
दरियाओं के मिलने से ही
बनते ढेर समुंदर देखे
क्यूँ तुर्बत की मंज़िल ख़ातिर
लड़ते रोज़ सिकंदर देखे
ठोक बजा हर इंसाँ देखा
इक बाहर दो अंदर देखे
छोड़ रहे हैं रोज़ शिगूफ़ा
मंच सियासी बंदर देखे
— Priya omar
सब संसद के अंदर देखे
दरियाओं के मिलने से ही
बनते ढेर समुंदर देखे
क्यूँ तुर्बत की मंज़िल ख़ातिर
लड़ते रोज़ सिकंदर देखे
ठोक बजा हर इंसाँ देखा
इक बाहर दो अंदर देखे
छोड़ रहे हैं रोज़ शिगूफ़ा
मंच सियासी बंदर देखे
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