तुम भी जब उस को देखोगे

कैसी बला फिर सर पे लोगे
इश्क़ करोगे सोच रहे हो
मैं कहता हूँ पछताओगे

देखोगे जब आँखें उस की
पागल वागल हो जाओगे
इश्क़ में उस के हो कर पागल
दीवारों पे नाम लिखोगे

आँखों में दरिया रखती है
डूब के इक दिन मर जाओगे

मेरी कहानी कुछ ऐसी है
सुन लोगे तो फिर रो दोगे

— Rovej sheikh

More by Rovej sheikh

Other ghazal from the same pen

See all from Rovej sheikh →

Beautiful Kashmir Shayari

Shers of beautiful kashmir.

All Beautiful Kashmir Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling