aaj sab hooñ teraa kal phir kaun hooñ main | आज सब हूँ तेरा कल फिर कौन हूँ मैं

  - Kinshu Sinha

आज सब हूँ तेरा कल फिर कौन हूँ मैं
ठीक ही तो है ये आख़िर कौन हूँ मैं

मैं किसी का फूल तो काँटा किसी का
तू बता ना तेरी ख़ातिर कौन हूँ मैं

दोस्तों के सामने मुझको कहा दोस्त
हो चुका है साफ़ ज़ाहिर कौन हूँ मैं

सब कुचलकर मुझको आगे बढ़ रहे हैं
रास्ता हूँ या मुसाफ़िर कौन हूँ मैं

हाँ हरा होता है पानी जानता हूँ
टाल मत ऐ मेरे शातिर कौन हूँ मैं

  - Kinshu Sinha

Khushboo Shayari

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