vo aankhoñ se aañkhen mila kar gaya hai | वो आँखों से आँखें मिला कर गया है

  - Kinshu Sinha

वो आँखों से आँखें मिला कर गया है
वो अपनी ख़ताएँ छुपा कर गया है

वो क्या ज़िन्दगी ढूँढता है किसी में
जो मुझ
में ज़माने बिता कर गया है

मुझे दुख यही है कि वो बे-वफ़ाई
का इल्ज़ाम मुझपर लगा कर गया है

ये कैसी जुदाई है जिस
में वो इंसाँ
कहाँ जा रहा है, बता कर गया है

नहीं बदला है कुछ भी जाने से उसके
वो बस इन्तिज़ारी बढ़ा कर गया है

रुलाना उसे अब भी आया नहीं है
वो मासूमियत पे हँसा कर गया है

तुझे ‘किंशु’ कहने में दिक़्क़त है उसको
मगर तू तो उसको ख़ुदा कर गया है

  - Kinshu Sinha

Judai Shayari

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