ghairon ko ab gale lagao jaao tumko chhod diya | ग़ैरों को अब गले लगाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

  - Kumar Vikas

ग़ैरों को अब गले लगाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया
सबको मेरे ऐब गिनाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

कैसा हूँ? किस हाल में हूँ? क्यूँ पूछ रही हो अब मुझ सेे?
फिर से माथा मत ठनकाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

किस सेे मिलने की ख़्वाहिश आँखों में भर कर आई हो?
जाओ-जाओ, जल्दी जाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

चाहा था कि नाम तुम्हारा साथ हमारे आएगा
अब चाहे जिसकी कहलाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

हम ही कितने पागल थे जो तुम पर ग़ज़लें कहते थे
अब मत कहना शे'र सुनाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया

  - Kumar Vikas

Rahbar Shayari

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