meri mushkil badha kar ke kabhi poochho ki kaise ho | मेरी मुश्किल बढ़ा कर के कभी पूछो कि कैसे हो

  - Kumar Vikas

मेरी मुश्किल बढ़ा कर के कभी पूछो कि कैसे हो
ज़रा फिर मुस्कुरा कर के कभी पूछो कि कैसे हो

तुम्हारे फोन में इक नाम अब तक सेव तो होगा
वही नंबर मिला कर के कभी पूछो कि कैसे हो

जहाँ पर एक दिन तुमने हमारा हाथ छोड़ा था
उसी कैफ़े में आकर के कभी पूछो कि कैसे हो

मरीज़-ए-दिल को आदत हो गई हर चोट सहने की
सितम फिर कोई ढा कर के कभी पूछो कि कैसे हो

  - Kumar Vikas

Jafa Shayari

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