हिज्र कहाँ तक सह पाओगी इश्क़ करो
तन्हाई में मर जाओगी इश्क़ करो
एक ही दिल है दिल की चाहत मत मारो
आख़िर इक दिन पछताओगी इश्क़ करो
तकिया टेडी बीयर और खिलौनों से
कब तक ख़ुद को बहलाओगी इश्क़ करो
कितने दिन तक कितने सारे लड़कों को
दोस्त बना कर टहलाओगी इश्क़ करो
— Kumar Vikas















