नन्हें और नादाँ इस दिल को बना खुर्रांट दिया मैं ने
ख़ुशियाँ जब फूली न समाईं उन को डाँट दिया मैं ने
हुस्न मुहब्बत इश्क़ उदासी साथ निभाने सब आए
साथ रखी ता-उम्र उदासी और सब छाँट दिया मैं ने
रूह तुम्हारी जिस्म सभी का ऐसे उम्र गुज़ारी फिर
दिल को टुकड़े टुकड़े कर के सब में बाँट दिया मैं ने
— KUNAL















