या तो मिरे बदन पे रेशमी लिबास देख ले
या फिर तू तितलियाँ गुलों के आस-पास देख ले
फटा है रूह का क़दीम ये लिबास देख ले
जो हाल है ख़ुदा बुला के अपने पास देख ले
बुरे समय की आज़माइशों से काँपने लगी
मिरे यक़ीन और ज़ब्त की असास देख ले
फ़क़ीर की तरह तिरे मैं आस्ताँ पे आ गई
मुझे है रब तुझी से मो'जिज़ा की आस देख ले
मिरे नसीब में ख़ुशी सुकून प्यार क्यूँ नहीं
यही सवाल कर रहा मुझे उदास देख ले
— Meenakshi Masoom















