
सुनो दिल की मेरी धड़कन मेरी फ़रियाद आ जाओ
अभी है ठंड का मौसम तुम इस के बा'द आ जाओ
नहीं लगता है मेरा दिल किसी सूरत किताबों में
सुनो! ऐसा करो अब तुम इलाहाबाद आ जाओ
— Mohd Ashahad
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