जो भी मेरे जैसा मिला है
मुझे वो भी तन्हा मिला है
मुझे याद वो क्यूँ करेगा
नया शख़्स अच्छा मिला है
अजल आ के कहती है मुझ से
निकलने का रस्ता मिला है
कभी गुम हुया था जो बच्चा
वही मुझ में मुर्दा मिला है
पुरानी किसी चैट में दफ़्न
तेरा एक वा'दा मिला है
किसी ग़म-ज़दा फूल के बा'द
नया एक ग़ुंचा मिला है
— Nakul kumar















