"कशमकश"
मैं लड़ सकता हूँ अपने आप से भी
मैं ख़ुद से जीत भी सकता हूँ लेकिन
ये झगड़ा फिर मुसलसल ही चलेगा
कोई गर जीत भी जाता है तो वो
नए मैं को करेगा फिर से पैदा
नया मैं फिर लड़ेगा ये मुझी से
मुझी पर वार होंगे फिर से और मैं
मुसलसल मरता बचता ही रहूँगा
— Nakul kumar















