tu gaya magar tere aane ki aas abhii bhi baaki hai | तू गया मगर तेरे आने की आस अभी भी बाकी है

  - Naved sahil

तू गया मगर तेरे आने की आस अभी भी बाकी है
हम दोनो के रिश्ते में कुछ विन्यास अभी भी बाकी है

बिन मर्जी ब्याही गई लड़की का ये पहला करवाचौथ है
पानी पीकर व्रत है टूटा पर प्यास अभी भी बाकी है

क्यूँ माने हम उसने नाता और किसी से जोड़ा है अब
उस सेे बस रिश्ता टूटा है विश्वास अभी भी बाकी है

सब सेे मिलकर जाना था हमको तो अब हम चलते हैं पर
मिल तो लिया सब सेे ही लेकिन वो खास अभी भी बाकी है

दीवाली के बाद गांव जो छोड़ा लगा की जैसे अब की
दीवाली तो बीत गई पर बनवास अभी भी बाकी है

  - Naved sahil

Relationship Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Naved sahil

As you were reading Shayari by Naved sahil

Similar Writers

our suggestion based on Naved sahil

Similar Moods

As you were reading Relationship Shayari Shayari