अब कोई इमामत के लिए ठीक नहीं है
इंसाँ ही इबादत के लिए ठीक नहीं है
इक शे'र मोहब्बत से ज़रा हट के कहा तो
वो शे'र हुकूमत के लिए ठीक नहीं है
ज़िंदा है अगर रहना तो चुप चाप सहो ज़ुल्म
ये दौर बग़ावत के लिए ठीक नहीं है
दुनिया के सभी काम को व्यापार बना दो
बस इश्क़ तिजारत के लिए ठीक नहीं है
जिस्मों के लुटेरों ने तवाइफ़ से कहा है
ये काम रिवायत के लिए ठीक नहीं है
— Naved sahil














