Nawaaz
Nawaaz
Ghazal

हमारा मसअला है जो हमी ने हार जाना है

हमारी ख़ुद-कुशी में ज़िन्दगी ने हार जाना है

गुलाबों ने, सितारों ने, परी ने हार जाना है
कि आगे आप के तो हर किसी ने हार जाना है

हमें ये जिस तरह से ख़याल तेरा खेंच लेता है
लगा ले शर्त तुझ से ग्रैविटी ने हार जाना है

हमें बस आप के होंठों प रखने हैं हमारे लब
हमें मालूम है फिर तिश्नगी ने हार जाना है

ख़ुदा ने औरतों को दिल कशी ख़ुद बख्श रक्खी है
बज़ाहिर बात है के आदमी ने हार जाना है

नहीं है इस जहाँ में ख़ूब-सूरत कुछ तिरे जैसा
तभी तुझ से तिरी तस्वीर ही ने हार जाना है

मुहब्बत हो, लड़ाई हो सभी का फ़ैसला तय है
किसी ने जीत जाना है, किसी ने हार जाना है

— Nawaaz

More by Nawaaz

Other ghazal from the same pen

See all from Nawaaz →

Khudkushi Shayari

Shers of khudkushi.

All Khudkushi Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling