ऑन कैमरे पर नेकी का जाल फेकेंगे
भीख की तरह रोटी और दाल फेकेंगे
नाम पूछकर लाडो साथ फोटो भी लेंगे
जात पूछकर कुछ सिकके उछाल फेकेंगे
हम ग़रीब पैसे वालों को चुभते हैं अक्सर
वश में हो तो इस दुनिया से निकाल फेकेंगे
मज़हबी लड़ाई में रूह छलनी होती है
ख़ून आप भी मेरे जैसे लाल फेकेंगे
सीट लूटनी है वो चाहे दिल की हो या ट्रेन
नीर या'नी तय है लड़के रुमाल फेकेंगे
— Neeraj Neer















