"रुख़्सत होते वक़्त"
रुख़्सत होते वक़्त
उस ने कुछ नहीं कहा
लेकिन एयरपोर्ट पर अटैची खोलते हुए
मैं ने देखा
मेरे कपड़े के नीचे
उस ने
अपने दोनों बच्चों की तस्वीर छुपा दी है
तअज्जुब है
छोटी बहन हो कर भी
उस ने मुझे माँ की तरह दुआ दी है
— Nida Fazli
रुख़्सत होते वक़्त
उस ने कुछ नहीं कहा
लेकिन एयरपोर्ट पर अटैची खोलते हुए
मैं ने देखा
मेरे कपड़े के नीचे
उस ने
अपने दोनों बच्चों की तस्वीर छुपा दी है
तअज्जुब है
छोटी बहन हो कर भी
उस ने मुझे माँ की तरह दुआ दी है
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