सुना है रात दिन रोते हो हैरत हैअभी तक तुम नहीं बदले हो हैरत हैकभी माँ को ख़ुदा समझा नहीं तुम नेसनम को तुम ख़ुदा कहते हो हैरत है— NISHKARSH AGGARWAL