बदन से ख़ून है बहता हमारा
सड़क पर गिर रहा हिस्सा हमारा
तलाशी में गए थे 'इश्क़ की हम
लिखा ही था वहीं मरना हमारा
भरा रहता था दाइम चाँद से पर
पड़ा है ख़ाली अब हुजरा हमारा
किसी के मरने पे भी दुख नहीं है
न जाने क्या ही अब होगा हमारा
मिरे मरने पे अपने भी न आए
अमीरी खा गई रिश्ता हमारा
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