मीठी मुरली सुनाओ कान्हा जीप्रीत का गीत गाओ कान्हा जीमैं ने भी प्रेम रोग पालना हैराधिका सी मिलाओ कान्हा जीसारे कौरव रक़ीब बन आएप्रेम रण में जिताओ कान्हा जीधूर्त ग़ज़लें कहाँ समझते हैंअब सुदर्शन चलाओ कान्हा जी— Pritesh Bunker