बे-वफ़ा लड़की बचाई जा रही है
इश्क़ को फाँसी लगाई जा रही है
आज कल के आशिक़ों का इश्क़ देखो
ग़ैर की दुल्हन उठाई जा रही है
इश्क़ का झूला पड़ा है यार जिस पर
अब वही डाली गिराई जा रही है
है पता हर शख़्स को निर्दोष है वो
जो अभी ज़िंदा जलाई जा रही है
वो किसी राजा को चौपट कर चुकी है
जो मेरी रानी बनाई जा रही है
रात चोरी से मैं तेरे घर घुसा था
ये ख़बर झूठी उड़ाई जा रही है
फ़ेल इंटर में हुई थी जो उसे अब
इश्क़ की पट्टी पढ़ाई जा रही है
— Raja Singh 'Kaabil'















