कितनेमुश्किलहैंयेरस्तेदेखलो
औरहमइनहीपेचलेंगेदेखलो
तुमअँधेरेपेहीक्यूँँकरतेहोग़ौर
चाँददेखोयासितारेदेखलो
फेंकदोऔरोंकेचश्मोंकोकहीं
औरमुझेअपनीनज़रसेदेखलो
कुछदिनोंकीअक़्लतोआजातीहै
गरमोहब्बतमेंतमाशेदेखलो
येहक़ीक़तभीहोजातेहैंकभी
इसलिएभीथोड़ेसपनेदेखलो
रातकैसेसोनेदेसकतीहैफिर
चाँदकोगरदिन-दहाड़ेदेखलो
तुमसेतोसूरजबसइतनाकहनाहै
मेरेघरकेभीदरीचेदेखलो
वक़्त-ए-रुख़्सतहैनहींरोऊँगामैं
क्यापतातुमपीछेमुड़केदेखलो
आँखेंहोकरभीनहींदेखेंगेलोग
सोहमअंधोंसेकहेंगेदेखलो