हर पल ख़ुशी थी, ऐश थी, लज़्ज़त थी ज़िन्दगीलग़्ज़िश ज़रा सी इस के मआ'नी बदल गईपहले तो मैं सुकून से रहता था ख़ुल्द मेंतशरीफ़ लाईं तुम तो कहानी बदल गई— RIZWAN ALI RIZWAN