सरफिरी पड़ गई मेरे पीछे
नकचढ़ी पड़ गई मेरे पीछे
लाख बोला कि मैं विवाहित हूँ
मनचली पड़ गई मेरे पीछे
क्या पता मैं ने क्या बिगाड़ा है
ज़िन्दगी पड़ गई मेरे पीछे
मैं नदी हूँ न मैं समुंदर हूँ
तिश्नगी पड़ गई मेरे पीछे
जबसे हल्ला हुआ मैं हूँ शाइ'र
शा'इरी पड़ गई मेरे पीछे
— Saarthi Baidyanath















