jahaan men teri misaalon se raushni phaile | जहाँ में तेरी मिसालों से रौशनी फैले

  - SALIM RAZA REWA

जहाँ में तेरी मिसालों से रौशनी फैले

कि जैसे चाँद सितारों से रौशनी फैले
 


तुम्हारे इल्म की ख़ुशबू से ये जहाँ महके 

तुम्हारे रुख़ के चराग़ों से रौशनी फैले
 


क़दम क़दम पे उजालों का शामियाना हो

क़दम क़दम पे बहारों से रौशनी फैले
 


तुम्हारे नाम की शोहरत हो सारी दुनिया में

तुम्हारे इल्म के धारों से रौशनी फैले
 


तेरे हवाले से लिक्खी है जो ग़ज़ल मैं ने

ग़ज़ल वो महके किताबों से रौशनी फैले

  - SALIM RAZA REWA

Chehra Shayari

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