हम ने खा के ठोकर ये जाना है
हर कोई दुनिया में बेगाना है
कहने को है सब इक थाली में पर
हम सब का अपना अपना खाना है
आख़िर घर से कब तक मुँह मोड़ोगे
जाने वाले को वापिस आना है
आँखों में आँसू ले कर बैठे हो
शायद तुम ने सब को रब माना है
— salman khan "samar"
हर कोई दुनिया में बेगाना है
कहने को है सब इक थाली में पर
हम सब का अपना अपना खाना है
आख़िर घर से कब तक मुँह मोड़ोगे
जाने वाले को वापिस आना है
आँखों में आँसू ले कर बैठे हो
शायद तुम ने सब को रब माना है
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