मियाँ उसने अभी तक उस गली से घर नहीं बदला
कि उसकी कॉल की उम्मीद में नंबर नहीं बदला
उसे उसने बिछड़ते वक़्त मुड़कर देखा था इक बार
इसी इक आस में अब तक दरीचा दर नहीं बदला
गवाही सिलवटें देती रहें मौजूदगी की सो
अभी तक इसलिए उसने लगा बिस्तर नहीं बदला
वो तन्हा छोड़ कब का जा चुकी है दूर उस सेे पर
उसे लगता मियाँ उसका अभी दिलबर नहीं बदला
भरम में जी रहा है और भरम में उसकी बीनाई
निगाहों ने अभी तक जो परी-पैकर नहीं बदला
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