मोहब्बत में मुझे मिलती उदासी
मेरे जीवन की है पहली उदासी
इसे मैं दूर कैसे कर सकूँगा
है मेरी गोद में खेली उदासी
ख़ुशी को देख कर घबरा गई है
खड़ी कोने में है सहमी उदासी
हमारी ज़िंदगी में दुख नहीं हैं
मगर फिर भी नहीं जाती उदासी
किसी के साथ तुझ को देख कर के
मेरे अंदर बहुत रोई उदासी
नहीं होता 'सनम' भी एक शाइ'र
जो उस के साथ नइँ होती उदासी
— Sanskar Shrivastav















