दर्द अब हद से गुज़रने लग गए हैं
टूट करके हम बिखरने लग गए हैं
फिर किसी को भूलने की कोशिशों में
फिर किसी को याद करने लग गए हैं
वो कभी जो पास भी आए नहीं थे
फ़ासले बढ़ने से डरने लग गए हैं
कुछ नए ज़ख़्मों की हमको आस है अब
सब पुराने ज़ख़्म भरने लग गए हैं
वो ही जो दिल में उतरने लग गए थे
वो ही अब दिल से उतरने लग गए हैं
बस उसी पल से कि जब पैदा हुए थे
बस उसी पल से ही मरने लग गए हैं
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