बेठे रहने से भला क्या मिला है
ढूंढने वाले को ख़ुदा मिला है
आज इक दरिया ने चीखकर बोला
कोई प्यासा यहॉं डूबा मिला है
वाह रे कर्बला तेरी किस्मत
तुझको हुसैन का सजदा मिला है
जिस्म कि आग बुझाने के लिए
बड़ी मुश्किल से इक कमरा मिला है
वो मुझ सेे इस कदर शर्मा आ रहा है
जैसे कि पहली मर्तबा मिला है
सबके हिस्से में तो चमन आया
मुझको हिस्से में सहरा मिला है
'शाद' तेरी शायरी से लगता है
जख्म तुझको बहुत गहरा मिला है।
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