aashiq ko ab is tarah se barbaad karo tum | आशिक़ को अब इस तरह से बर्बाद करो तुम

  - Adnan Ali SHAGAF

आशिक़ को अब इस तरह से बर्बाद करो तुम
यूँँ पास बुलाकर उसे आबाद करो तुम

इतनी सी ही बातों में जो तुम रोने लगी हो
दिल अपना ये शीशा नहीं फ़ौलाद करो तुम

आँखों से सुनूँ मैं जो कि आँखों से कहो तुम
बातों में अदा ऐसी ही ईजाद करो तुम

सुनते हैं कि बच्चों से तुम्हें प्यार बहुत है
ऐसा है तो फिर दर्जनों औलाद करो तुम

ग़ज़लों को सुनाने का है अब वक़्त तुम्हारा
मैं शौक़ से सुनता हूँ बस इरशाद करो तुम

  - Adnan Ali SHAGAF

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