उन को ही अपने दिल में बसाए हुए हैंजिन की आँखों के हम ठुकराए हुए हैंतू नज़र तो डाल कभी उन पर भी सितमगरवो तग़ाफ़ुल से जो लोग सताए हुए हैंअब ऐसे ही कटती है हयात ये अपनीआँखों में तेरे ख़्वाब सजाए हुए हैंदिखते हैं सितारों के जैसे ये ज़मीं परजो दिए तेरे हाथों के जलाए हुए हैं— Shahanwaz Ansari