tumhaara naam le kar jee rahe hain | तुम्हारा नाम ले कर जी रहे हैं

  - shampa andaliib

तुम्हारा नाम ले कर जी रहे हैं
अलग कुछ काम ले कर जी रहे हैं

कभी दिन ठीक से गुज़रा नहीं है
दिलों में शाम ले कर जी रहे हैं

अज़ल से रूह की पूरी मदद से
दिल-ए-नाकाम ले कर जी रहे हैं

हटाओ हाथ सर रक्खो जिगर पे
बहुत इल्ज़ाम ले कर जी रहे हैं

कभी तो देख कर लगता है ख़ुद को
कोई हम-नाम ले कर जी रहे हैं

हमारे दिल से क्या फूटेगा यारों
फ़क़त कोहराम ले कर जी रहे हैं

  - shampa andaliib

Charity Shayari

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