किसी से कुछ भी नहीं कहेंगी हमारी आँखें
तुम्हीं से शिकवा गिला करेंगी हमारी आँखें
तुम्हारी आँखें किसी को देखेंगी उस से पहले
तुम्हारी आँखों को देख लेंगी हमारी आँखें
कहीं पे चैन-ओ-क़रार इन को नहीं मिलेगा
यहीं रही हैं यहीं रहेंगी हमारी आँखें
अभी हो जैसे हमेशा ऐसे क़रीब रहना
वगरना देखो ये रो पड़ेंगी हमारी आँखें
यहाँ से जाने के बाद इन को नहीं भुलाना
तुम्हारा रस्ता तका करेंगी हमारी आँखें
ज़मीन-ओ-अम्बर नदी समंदर सब एक होंगे
हमारी आँखों से जब मिलेंगी तुम्हारी आँखें
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