"ठीक आज के दिन"उस वक़्त नहीं सोचा हम ने किहम दोनों इक दूजे से एक दिनबिछड़ भी जाएँगेकाश उस वक़्त इस दिन का इल्म होतातो शायद आज ये दिन न देखना पड़तान ये आँसू बे-वज्ह बहाने पड़तेऔर न ही ये दिल बारहा तड़पतादिल बैठ रहा है मेरा आज के दिनठीक आज के ही दिन वो मुझ से जुदा हुआ था— Sohil Barelvi