हम कितने पागल लड़के थे
सब को ही अपना कहते थे
जिस का रिश्ता था दुश्मन का
हम दोस्त समझ के मिलते थे
जब से तुम को अपना माना
सारा दिन तुम को पढ़ते थे
इश्क़ नहीं था शायद तुम से
पर याद तुम्हें ही करते थे
तुम सें दूर हुए तो जाना
क्यूँ हम रात नहीं मिलते थे
— Surya Tiwari















