अब तवज्जोह हम नहीं देंगे तुम्हें क़स
में न खाओ
हम भुला देंगे तुम्हें जानाँ हमें तुम भूल जाओ
वो समझती है अभी तक हम उसे भूले नहीं हैं
कोई जाकर दोस्त उसकी ये ग़लत-फ़हमी मिटाओ
अब नहीं है वास्ता कोई मोहब्बत से हमारा
दोस्त उसकी याद, दिल, तस्वीर, ख़त, सब कुछ जलाओ
दोस्तों हम उस की शादी की ख़बर सुनकर मरे थे
ख़ुद-कुशी हम ने नहीं की कोई तो उस को बताओ
दिल हमारे बाद कितनों का दुखाया है किसी दिन
जान फ़ुर्सत से हमारे पास आ कर सब बताओ
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