haq par hi jaañ lutaana hai vaa'da husain ka | हक़ पर ही जाँ लुटाना है वा'दा हुसैन का

  - Haider Khan

हक़ पर ही जाँ लुटाना है वा'दा हुसैन का
है बस इसी उसूल पे रस्ता हुसैन का

बस एक शहसवार मुक़ाबिल हज़ार थे
देखा है ज़ुल्फ़िक़ार ने जलवा हुसैन का

ख़ाक-ए-शिफ़ा बना दिया कर्बल की ख़ाक को
बे-मिस्ल है जहान में सज्दा हुसैन का

शर्मिंदगी से चूर है पानी अभी तलक
प्यासा शहीद हो गया कुनबा हुसैन का

हर दौर के यज़ीद का मिटता गया वजूद
क़ाएम है दो जहान में सिक्का हुसैन का

या रब मिटा ही देता ज़मीं आसमाँ तभी
नेज़े पे जब रखा गया चेहरा हुसैन का

  - Haider Khan

Promise Shayari

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