maine kal usko apne barabar bitha liya | मैंने कल उसको अपने बराबर बिठा लिया

  - Haider Khan

मैंने कल उसको अपने बराबर बिठा लिया
इस वाक़िए को उसने जिगर से लगा लिया

थोड़ा सा ए'तिबार तो हम पर भी कीजिए
उस शख़्स ने ये बोल के सब कुछ छुपा लिया

मेरी ख़ता थी तुम सेे मोहब्बत हुई मुझे
उस पे ये ग़म कि फिर से वही फ़ैस्ला लिया

मुद्दत के बाद जब वो मिला देखता रहा
फिर रोते-रोते मुझको गले से लगा लिया

ख़्वाबों का था मकीन वो ख़्वाबों में ही रहा
और फिर किसी ने ख़्वाब ही मेरा चुरा लिया

हर बात का जवाब यही था कि जाने दो
हर बार राब्ते को बस ऐसे बचा लिया

उसने कहा कि हिज्र की शब टूट जाओगे
मैंने गुमाँ में उसका कहा आज़मा लिया

यूँँ तो मुझे किसी से मोहब्बत नहीं मगर
उसके भरम को रखते हुए दिल लगा लिया

  - Haider Khan

Dard Shayari

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