sakhi ke paanv men mehn | सखी के पाँव में मेहँदी लगी है

  - Varun Anand

सखी के पाँव में मेहँदी लगी है
मुई के पाँव में मेहँदी लगी है

उदासी साथ चलती है हमारे
ख़ुशी के पाँव में मेहँदी लगी है

सभी कहने को मेरे हम-क़दम हैं
सभी के पाँव में मेहँदी लगी है

वो जिसके साथ घर से भागना था
उसी के पाँव में मेहँदी लगी है

समुंदर से कहो ख़ुद आए मिलने
नदी के पाँव में मेहँदी लगी है

किसी के पाँव भीगे हैं लहू से
किसी के पाँव में मेहँदी लगी है

  - Varun Anand

Nadii Shayari

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